हाल मैं अमेरिका के खिलाफ भारत के वोट डालने पर भड़केभाजपा नेता स्वामी ने केंद्र सर्कार कप घेरते हुए कहा के ये फैसला भारत देश के हित मैं नहीं है |
भारत की क्रेडिबिलिटी पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है ना तो अमेरिका ही हम पर भरोसा करेगा ना ही इसराईल|
स्वामी ने कहा के हमने हमेशा ही फलस्तीन का समर्थन किया है | जो की हमेशा ही कश्मीर के मामले मैं हमारा विरोधी रहा है | इस्लामिक ऑर्गेनाइजेशन और अन्य फोरम मैं फलस्तीन ने भारत का विरोध ही किया | स्वामी ने कहा की ये कांग्रेस की पुरानी नीति है ,,
अमेरिका और इसरील का पक्ष मैं वोट न करके भारत ने बहुत बड़ी ग़लती की है | जैसा की आपको पता है की अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसी महीने पश्चिमी यारुशुलम को इसरील की राजधानी के रूप मैं मान्यता दी थी | और अमेरिका दूतावास को तेल अवीव से पश्चिमी यारुशुलम ले जाने की घोषणा की थी ,
स्वामी ने कहा के इसरील हमारा एक अच्छा दोस्त्त है | जो हमें मदद पर्दान करता है | आतंकवाद से जुडी जानकारी पर्दान करता है | अमेरिका से हम रणनीतिक गठजोड़ बनाने के प्रस्ताव रखते है | चीन का मुकाबला करने के हमें अमेरिका की मदद चाहिए और अब ऐसी बाते कर रहे है ,
जब स्वामी से पुचा गया की आखिर ये फैसला किसने लिया और क्यों लिया तो उन्होंने कहा के मुझे नहीं मालूम सर्कार को बताना चाहिए | स्वामी ने सुषमा की और इशारा करते हुए कहा की विदेश मंत्री ने फ़ौरन सेकेट्री से बोलने को कहा , खुद नहीं बोली इसका मतलब है के हो सकता है ये फैसला
ब्यूरोक्रेट्स से मिलकर तय किया हो |
जब उनसे पुचा गया के ये सरकर ब्यूरोक्रेट्स चला रहे है या मोदी जी चला रहे है ? तो उन्होंने कहा के मोदी जी बेचारे अकेले क्या कर सकते हैं | इस सवाल पर लोगो को विरोध करना चाहिए जब तक विरोध नहीं करेंगे तब तक ऐसा ही चलेगा
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