लोक सभा में मुसलमान महिला अधिकार के लिए तीन तलाक बिल पास हो गए हैं इस बिल के विरोध में खड़े हुए अखिल भारत में मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमिन के प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन औवेसी ने प्रधान मंत्री मोदी पर जो हमला किया था वह काफी चर्चा का विषय बन गया।
सांसद औवेसी ने कहा था, गुजरात में मेरी एक बहती है उन्हें न्याय कब मिलेगा?
इस बयान और बिल के विरोध में खड़े नज़र आया औवेसी के हर तरफ़ प्रशंसा की गई थी सोशल मीडिया पर विश्वजीत चटर्जी ने लिखा है, पाशा पालट है! भाभी जी को सांसद मे याद करके ओवैसी साहेब ने लाखों हिन्दू महीलाओ के दिलो मे भी अपना स्थान बना लिया! मोदी का चाल उलटा पड़ गया है! मोदी तिन तलाक के मुद्दे से मुसलीम महिमा भोतो को अपनी तरफ खींचने की इच्छा है, जब पर उसी मुद्दे पर ओवैसी साहेब ने गुजराती भाईजी को याद करते हुए हिन्दू माँलाओ को अपना पाले मे कर लिया है! आज हर जगह चर्चा में भक्तों को अपने ही घर की महिला को जवाब देने के लिए नहीं हो रहा है, मेरे पड़ोस में रहने वाले भाभीजी ने अजात खुद पर आकर मुझे धन्यवाद दिया और अगले बार ओवैसी साहेब से मिलने के लिए इच्छा की घोषणा की , जब कि अन्य लोगों के लिए जिम्मेदार सदस्य भी है! मजलिस तो छा गया!
तीन तलाक पर कानून लोकसभा से पास हो गया है लोकसभा में विधेयक के विरोध में एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने दो अधिवेशनों को रोक दिया था, लेकिन दोनों संशोधन को लोकसभा में खारिज किया गया था। आवैसी के पक्ष में केवल दो वोट पड़े और विरोध में 242 वोट। तीन तलाक के बारे में अब तक सभी 18 संशोधन को खारिज किया गया
तीन तलाक संबंधी विधेयक पर आज लोकसभा में चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री एम जे अकर और एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी के बीच नेकज़ोंक को देखने के लिए मिला। मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक, 2017 पर चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए अकबर ने शाह बानो प्रकरण का हवाला दिया तो ओवैसी ने उनको टोका और कहा कि उस वक्त आपको कानून (राजग गांधी के समय) को पारित किया गया था।
इस पर अकबर ने कहा कि मेरी दोस्त शायद यह पता नहीं है कि वह 1989 में कांग्रेस में शामिल थे। उनके इस कथन पर प्रतिपक्ष के सदस्यों ने मेज थपथपाया गौरतलब है कि शाह बानो प्रकरण 1985 का है शाह बानो को उसके पति ने तलाक दिया और उच्चतम न्यायालय ने इस मामले में पीड़िता के लिए मासिक व्यय भत्ता की आदेश दिया। इस आदेश के विरोध में अखिल भारतीय मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और कुछ मुस्लिम संगठनों ने आंदोलन किया, जिसके बाद राजग गांधी की सरकार ने इसके खिलाफ कानून लाए।
आज लोक सभा में तीन तलाक को प्रतिबंधित और विवाहित मुसलमान महिला अधिकार सुरक्षित करने से संबंधित मुसलमान महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक, 2017 को सरकार ने पेश किया था। कानून मंत्री रवीशंकर ने कहा कि जब इस्लामिक देश तीन तलाक पर कानून में संशोधन कर सकते हैं, तो फिर हम क्यों नहीं। वह भी जब हम शासित में हस्तक्षेप नहीं कर रहे हैं मंत्री ने कहा कि मैं सदन से यह अपील करना चाहता हूं कि आप सभी को इस विधेयक पर पार्टी से ऊपर उठकर सोचें। उन्होंने कहा कि इस विधेयक पर राजनीति-धर्म से ऊपर उठकर सोचा जाना चाहिए, क्योंकि यह मसला हमारे माता, बहनों और बेटियों से जुड़ा हुआ है।
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